रावण ने मरते वक़्त लक्ष्मण को बताई थी ये बड़े काम की 10 बातें !! ये बातें आपकी जिंदगी बदल देगी - Kitu News

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को सब्सक्राइब जरूर करिएगा दोस्तों रावण को लोग बुराई का प्रतीक मानते हैं और उससे घृणा भी करते हैं यह सच बात है कि

उसमें राक्षस प्रवृत्ति कूट-कूट कर भरी हुई थी लेकिन इसके बावजूद भी उसकी अच्छाइयों को नकारा नहीं जा सकता है रावण एक

महा पंडित महा ज्ञानी का रावण में कई अवगुण थे लेकिन एक प्रकांड विद्वान भी था वेद शास्त्र ज्योतिष आयुर्वेद तंत्र मंत्र आदि ज्ञान

का भंडा उसके अंदर भरा हुआ था आगे बढ़ने से पहले आपसे रिक्वेस्ट करते हैं कि वीडियो को लाइक जरूर करिएगा दोस्तों को

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अयोध्या के महाराज दशरथ के पुत्र भगवान श्री राम जब 14 वर्ष के वनवास के लिए जा रहे थे तो उनके साथ उनके छोटे भाई लक्ष्मण

और उनकी धर्मपत्नी माता सीता भी उनके साथ वनवास के लिए वनों में गई थी लेकिन जब उनके वापस लौटने में 1 वर्ष शेष था तो

रावण ने छल और छोरी से माता सीता का हरण कर लिया था और उन्हें अपनी सोने की लंका में अशोक वाटिका में ले जाकर एक

वृक्ष के नीचे स्थापित कर दिया था ऐसा रावण ने इसलिए किया था क्योंकि रावण को एक स्वर्ग की अप्सरा ने शराब दिया था शराबी यह था कि पराई स्त्री को बिना उसकी इच्छा के यदि उसके साथ जबरदस्ती करोगे तो तुम्हारा सर्वनाश हो जाएगा और इसी श्राप के

कारण उसने माता सीता को अशोक वाटिका में एक वृक्ष के नीचे स्थापित कर रखा था और निरंतर ही रावण माता सीता से कहता

था कि मान जाओ और मुझसे विवाह कर लो लेकिन माता सीता तो सत्यवती थी उन्होंने उसी सत्य के कारण ही भगवान श्री राम की भक्ति को नहीं छोड़ा था उसके बाद भगवान श्री राम और रावण का महायुद्ध हो गया जिसमें रावण का भगवान श्री राम के हाथों वध

हो गया और जब रावण का अंतिम समय चल रहा था उस समय भगवान श्रीराम ने अपने छोटे भाई लक्ष्मण से कहा कि लक्ष्मण रावण बड़ा ही विद्वान है पंडित है महान ज्ञानी है तीनों लोकों में इससे बड़ा ज्ञानी कोई नहीं है इस ज्ञानी के ज्ञान को आज तो इसके समीप

बैठ कर धारण कर लो तब रावण ने लक्ष्मण को यह 10 बातें बताइए रावण ने सबसे पहली बात लक्ष्मण को बताई कि यदि आपको अपने जीवन में कोई शुभ काम करना है तो उसमें बिल्कुल भी देरी नहीं करनी चाहिए यानी शुभाशीष एवं शुभ काम में जितना विलंब

करोगे उतना ही गलत माना जाता है अशुभ को जितना डाल सकते हो डाल देना चाहिए मैं श्री राम को पहचान नहीं सका और उनकी शरण में आने की देरी कर दी इसी कारण मेरी यह हालत हुई इसलिए सुबह का बिना विचार ही तुरंत कर देना चाहिए और कोई

गलत और अशुभ काम करना भी है तो उसको बड़े ही सोच विचार करके करना चाहिए जो गलत ही मैंने की थी तुम वैसे मत करना कि शुभ काम में कभी भी गलत ही या देरी मत करना दूसरी बात रावण ने बताई कि अपने शत्रु और दुश्मन को कभी भी अपने से

कमजोर नहीं समझना चाहिए अपने शत्रु को कुछ मत समझना क्योंकि जब मैंने ब्रह्मा जी से वरदान प्राप्त किया था कि मेरी मृत्यु वानर और मानव के अलावा किसी और प्राणी से ना हो और ब्रह्मा जी ने मुझे यह वरदान दे दिया था मैंने ऐसा इसलिए कहा था क्योंकि

मैं मनुष्य और वानर को कुछ समझता था यह मेरी गलती थी और इसी वरदान के कारण वानर और मानव को मैं तुच्छ समझने लगा और इसी भूल के कारण आज मेरी मृत्यु हो रही है चौथी बात है सदैव अपनी शक्ति को अर्जित करते रहना चाहिए अपनी शक्ति को

कभी खंडित नहीं होने देना चाहिए अपनी शक्ति को कायम रखना चाहिए क्योंकि अपनी शक्ति से ही हम संसार पर विजय प्राप्त कर सकते हैं इसीलिए अपनी शक्ति को हमेशा कायम रखना पांचवी बात रावण ने लक्ष्मण को बताई की नई नई खोज या नए-नए

आविष्कार मनुष्य को अपने जीवन में करते रहनी चाहिए मैंने अपने जीवन में कई प्रकार की चीजों का आविष्कार किया है कई प्रकार की खोज की है आपको बता दें कि रावण यहां तक सोच रहा था कि सोने में सुगंध पर दी जाए और स्वर्ग जाने के लिए सीडी

बना दी जाए लेकिन यह इच्छा पूरी ना हो सके इसलिए मनुष्य को निरंतर खोज करते रहना चाहिए छठी बात कुछ इस प्रकार है कि तपस्या से सब कुछ अर्जित किया जा सकता है इसलिए यदि मनुष्य के पास तक की शक्ति होगी तो वह सब कुछ अपने जीवन में

अर्जित कर पाएगा इसलिए तपस्या यदि मेहनत करके ही मनुष्य को संसद में दुर्लभ से दुर्लभ वस्तुओं को अर्जित करने का प्रयास निरंतर करते रहना चाहिए सातवीं बात रावण ने लक्ष्मण को बताई कि मनुष्य को हमेशा एक ही इष्ट देव की भक्ति करनी चाहिए जैसे कि मैंने अपने जीवन में भगवान महादेव की पूजा की थी उन्हीं के भक्तों के प्रताप से मुझे सर्वश्रेष्ठ

By admin

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